अस्थि विसर्जन पूजा
दिवंगत प्रियजन की अस्थियों के विधिवत पूजन और पवित्र नदी में विसर्जन की संस्कार विधि।

अस्थि विसर्जन दाह संस्कार के बाद अस्थियों को पूजन के साथ पवित्र नदी में प्रवाहित करने की पारंपरिक विधि है।
अवधि: डेढ़ घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
यह एक गंभीर और भावनात्मक संस्कार है, जिसे पंडित जी परिवार के साथ शांत भाव से संपन्न कराते हैं।
कब और किसलिए की जाती है
- दाह संस्कार के बाद परंपरा के अनुसार अस्थियों के विसर्जन की विधि की जाती है।
- माना जाता है कि पवित्र नदी में विसर्जन करना दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धा का भाव है।
- पवित्र नदी के तट पर विधि करने की परंपरा गंगा, सरयू जैसे तीर्थों में प्रचलित है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और प्रार्थना।
2. अस्थि कलश का पूजन, फूल और अक्षत अर्पण।
3. पवित्र नदी के तट पर विधि के अनुसार अस्थियों का विसर्जन।
4. तर्पण और स्नान।
5. शांति प्रार्थना और समापन। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- अस्थि कलश
- गंगाजल
- कुश
- काले तिल
- सफेद फूल
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
कोई एक निश्चित तिथि नहीं है; परिवार की परंपरा और सुविधा के अनुसार तिथि पंडित जी के साथ तय की जाएगी।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या विसर्जन किसी भी पवित्र नदी में हो सकता है?
उ: परिवार की परंपरा के अनुसार स्थान चुना जाता है, जैसे गंगा या सरयू।
प्र: परिवार के कितने सदस्य साथ जा सकते हैं?
उ: परिवार के सदस्य और निकट संबंधी साथ जा सकते हैं।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in