होलिका दहन पूजा
होली से पहले संध्या में होलिका पूजन और विधिवत दहन की शुभ पूजा, पंडित जी के साथ।

होलिका दहन होली से पूर्व की संध्या पर किया जाने वाला पारंपरिक पूजन और अग्नि अनुष्ठान है।
अवधि: 1 घंटा
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,000 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
इसमें होलिका की अग्नि प्रज्वलित करने से पहले उसका पूजन किया जाता है।
कब और किसलिए की जाती है
- फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या पर होलिका दहन की परंपरा है।
- माना जाता है कि यह पूजन बुराई पर अच्छाई की जीत के भाव को बल देता है।
- समाज और परिवार के साथ मिलकर पर्व मनाने का यह अवसर है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. होलिका स्थल पर संकल्प और गणपति पूजन।
2. रोली, अक्षत, फूल और कच्चा सूत से होलिका का पूजन।
3. शुभ समय पर अग्नि प्रज्वलन।
4. परिक्रमा और नारियल या नई फसल की बालियाँ अर्पण। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
5. प्रसाद वितरण और समापन।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- लकड़ी और गोबर के उपले
- कच्चा सूत
- रोली, अक्षत, हल्दी
- फूल
- गंगाजल या जल
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
होलिका दहन फाल्गुन पूर्णिमा की संध्या में भद्रा काल का ध्यान रखकर किया जाता है; सही समय पंडित जी के साथ तय होगा।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या सोसाइटी या मोहल्ले में सामूहिक पूजा हो सकती है?
उ: हाँ, पंडित जी सामूहिक आयोजन भी करा सकते हैं।
प्र: क्या अग्नि के लिए अनुमति लेनी होगी?
उ: स्थानीय नियमों के अनुसार सुरक्षित स्थान चुनें।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in