काल सर्प दोष निवारण पूजा
कुंडली में काल सर्प योग की शांति हेतु नाग देवता और भगवान शिव का श्रद्धापूर्ण पूजन। शांत मन से विधिवत पूजा, लगभग ढाई घंटे।

काल सर्प दोष निवारण पूजा कुंडली में काल सर्प योग की शांति की प्रार्थना से किया जाने वाला पूजन है।
अवधि: ढाई घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹5,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
ज्योतिष में जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तब इसे काल सर्प योग कहा जाता है। इस पूजा में नाग देवता और भगवान शिव का पूजन किया जाता है। इसे भय से नहीं, श्रद्धा और शांति के भाव से किया जाता है।
कब और किसलिए की जाती है
- कुंडली में काल सर्प योग बताए जाने पर ज्योतिषी की सलाह से करवाई जाती है।
- नाग पंचमी जैसे अवसरों पर श्रद्धा से नाग देवता का पूजन किया जाता है।
- माना जाता है कि पूजा से मन को शांति और आत्मविश्वास मिलता है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प लेकर गणपति और कलश पूजन किया जाता है।
2. भगवान शिव और नाग देवता का आवाहन व पूजन होता है।
3. शिवलिंग पर दूध और जल से अभिषेक किया जाता है।
4. राहु-केतु से संबंधित मंत्रों का जाप किया जाता है।
5. हवन कर आरती की जाती है।
6. प्रसाद और दान के संकल्प के साथ समापन होता है। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- शिवलिंग या शिव जी का चित्र
- नाग-नागिन का प्रतीक जोड़ा
- कच्चा दूध और गंगाजल
- बेलपत्र और पुष्प
- काले तिल
- हवन सामग्री और समिधा
- रोली, मौली और अक्षत
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
नाग पंचमी शुभ मानी जाती है; अन्य समय के लिए तिथि और मुहूर्त पंडित जी के साथ तय किया जाता है।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या काल सर्प दोष से डरना चाहिए?
उ: नहीं। यह ज्योतिष की एक मान्यता है; कुंडली की सही जानकारी किसी योग्य ज्योतिषी से लें। पूजा श्रद्धा और शांति के लिए है, भय के लिए नहीं।
प्र: क्या पूजा घर पर हो सकती है?
उ: जी हाँ, घर पर या किसी शिव मंदिर में कराई जा सकती है।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in