कुंभ विवाह

कुंडली में मांगलिक स्थिति को देखते हुए परंपरा के अनुसार की जाने वाली प्रतीकात्मक कुंभ विवाह विधि।

कुंभ विवाह

कुंभ विवाह एक प्रतीकात्मक विवाह विधि है, जो परंपरा के अनुसार कुंडली में मांगलिक स्थिति के संदर्भ में की जाती है।
अवधि: डेढ़ घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹3,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
इसमें विवाह से पहले कलश (कुंभ) को वर या वधू का प्रतीक मानकर पूजन और विवाह की रस्में की जाती हैं।

कब और किसलिए की जाती है
- जिन परिवारों में कुंडली के आधार पर यह परंपरा मानी जाती है, वे विवाह से पूर्व यह विधि कराते हैं।
- माना जाता है कि यह विधि श्रद्धा और मानसिक संतोष देती है। यह आस्था का विषय है।
- इसे कराना आवश्यक है या नहीं, इसके लिए अपनी कुंडली देखकर पंडित जी से परामर्श लें।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और गणपति पूजन।
2. कलश स्थापना, सजावट और भगवान विष्णु का पूजन।
3. प्रतीकात्मक विवाह की रस्में, जैसे माला अर्पण और मंत्रोच्चार।
4. हवन या आरती। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
5. प्रसाद वितरण और समापन।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- कलश और जल
- आम के पत्ते, नारियल
- रोली, मौली, अक्षत
- फूल-माला
- वस्त्र (चुनरी या पीतांबर)
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
शुभ तिथि और मुहूर्त कुंडली देखकर पंडित जी के साथ तय किया जाएगा।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: क्या कुंभ विवाह कराना ज़रूरी है?
उ: यह परिवार की आस्था और परंपरा पर निर्भर है।

प्र: क्या यह पूजा घर पर हो सकती है?
उ: हाँ, घर या किसी शांत और स्वच्छ स्थान पर यह विधि की जा सकती है।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

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