मंगल दोष निवारण पूजा
कुंडली में मंगल की स्थिति (मांगलिक योग) की शांति हेतु मंगल ग्रह का श्रद्धापूर्ण पूजन और जाप। लगभग दो घंटे।

मंगल दोष निवारण पूजा कुंडली में मंगल की विशेष स्थिति (मांगलिक योग) की शांति की प्रार्थना से किया जाने वाला पूजन है।
अवधि: दो घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹4,000 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
ज्योतिष परंपरा में मंगल ग्रह की कुछ स्थितियों को मांगलिक योग कहा जाता है। इस पूजा में मंगल ग्रह का पूजन, मंत्र जाप और हवन किया जाता है। इसे शांत मन और श्रद्धा के साथ करवाया जाता है, भय के भाव से नहीं।
कब और किसलिए की जाती है
- कुंडली में मांगलिक योग बताए जाने पर ज्योतिषी की सलाह से करवाई जाती है।
- विवाह से पहले कई परिवार श्रद्धा से यह पूजा करवाते हैं।
- माना जाता है कि मंगल की आराधना से मन में साहस और संतुलन का भाव आता है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प लेकर गणपति और कलश पूजन किया जाता है।
2. मंगल ग्रह की स्थापना कर आवाहन किया जाता है।
3. मंगल ग्रह के मंत्रों का जाप किया जाता है।
4. लाल पुष्प, गुड़ आदि अर्पित कर हवन किया जाता है।
5. दान का संकल्प लिया जाता है।
6. आरती और प्रसाद के साथ समापन होता है। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- लाल वस्त्र
- लाल पुष्प
- मसूर की दाल और गुड़
- कलश और आम के पत्ते
- हवन सामग्री और समिधा
- रोली, मौली और अक्षत
- गाय का घी और कपूर
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
मंगलवार शुभ माना जाता है; सही तिथि और मुहूर्त पंडित जी के साथ तय किया जाता है।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या मांगलिक होने से विवाह में बाधा आती है?
उ: यह ज्योतिष की मान्यता है। कुंडली की सही जाँच किसी योग्य ज्योतिषी से कराएँ; पूजा श्रद्धा के लिए है।
प्र: क्या यह पूजा घर पर हो सकती है?
उ: जी हाँ, घर पर या किसी मंदिर में कराई जा सकती है।
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