मुंडन संस्कार

शिशु के पहले बाल उतारने का पारंपरिक संस्कार, पंडित जी द्वारा विधिवत पूजा के साथ। अवधि लगभग डेढ़ घंटे।

मुंडन संस्कार

मुंडन संस्कार शिशु के जन्म के बालों को पहली बार उतारने की पारंपरिक विधि है, जिसे चूड़ाकर्म भी कहा जाता है।
अवधि: डेढ़ घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।

यह पूजा क्या है
इस संस्कार में पूजा के बाद शिशु के पहले बाल उतारे जाते हैं। इसे शुद्धि और स्वस्थ वृद्धि की भावना से जोड़ा जाता है। परिवार इस अवसर पर कुलदेवता का आशीर्वाद लेता है।

कब और किसलिए की जाती है
- शिशु के पहले, तीसरे या पाँचवें वर्ष में, परंपरा अनुसार किया जाता है।
- कई परिवार कुलदेवता या किसी मंदिर में यह संस्कार करवाते हैं।
- माना जाता है कि इससे शिशु की शुद्धि और स्वस्थ विकास की कामना पूरी होती है।

पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प लेकर गणपति और कलश पूजन किया जाता है।
2. कुलदेवता और नवग्रह का पूजन होता है।
3. शिशु को गोद में लेकर बाल उतारे जाते हैं।
4. स्नान के बाद शिशु को नए वस्त्र पहनाकर तिलक किया जाता है।
5. बड़ों का आशीर्वाद लिया जाता है।
6. आरती और प्रसाद के साथ समापन होता है। उतारे गए बालों के विसर्जन की विधि परंपरा के अनुसार भिन्न हो सकती है।

आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- कलश, आम के पत्ते और नारियल
- रोली, मौली और अक्षत
- शिशु के लिए नए वस्त्र
- पुष्प और पुष्प-माला
- मिठाई और फल
- हल्दी और चंदन
- धूप, दीप और कपूर
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।

शुभ तिथि / मुहूर्त
शुभ तिथि और मुहूर्त पंचांग व परिवार की परंपरा देखकर पंडित जी के साथ तय किया जाता है।

बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: मुंडन के लिए नाई की व्यवस्था कौन करता है?
उ: आम तौर पर परिवार नाई की व्यवस्था करता है; बुकिंग के समय हमारी टीम से पूछ सकते हैं।

प्र: क्या यह संस्कार घर पर हो सकता है?
उ: जी हाँ, घर पर या मंदिर में कराया जा सकता है।

संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in

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