सुंदरकांड पाठ
रामचरितमानस के सुंदरकांड का श्रद्धापूर्वक पाठ, पंडित जी और परिवार के साथ घर पर या मंदिर में।

सुंदरकांड रामचरितमानस का पाँचवाँ कांड है, जिसमें हनुमान जी की भक्ति और पराक्रम का वर्णन मिलता है।
अवधि: 2 घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹2,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
घर, दुकान या मंदिर में सुंदरकांड का पाठ श्रद्धा से कराया जाता है।
कब और किसलिए की जाती है
- नए घर, नए कार्य या किसी शुभ अवसर पर सुंदरकांड पाठ कराने की परंपरा है।
- मंगलवार और शनिवार को यह पाठ करना श्रद्धालुओं में प्रचलित है।
- माना जाता है कि हनुमान जी की भक्ति में किया गया पाठ मन को शांति और बल देता है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प और गणपति पूजन।
2. श्रीराम दरबार और हनुमान जी का पूजन।
3. सुंदरकांड का पाठ।
4. पाठ के बाद श्रीराम और हनुमान जी की आरती। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
5. प्रसाद वितरण।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- रामचरितमानस ग्रंथ
- श्रीराम दरबार और हनुमान जी का चित्र
- चौकी और आसन
- रोली, मौली, अक्षत
- फूल-माला
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
मंगलवार और शनिवार प्रचलित हैं; सही दिन और समय पंडित जी के साथ तय किया जाएगा।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या परिवार के लोग भी पाठ में भाग ले सकते हैं?
उ: हाँ, परिवार के लोग साथ पाठ करें या सुनें, यह आपकी इच्छा पर निर्भर है।
प्र: क्या पाठ घर पर हो सकता है?
उ: हाँ, घर पर शांत स्थान में पाठ आसानी से कराया जा सकता है।
संपर्क: WhatsApp +91 8932026569 | info@yogsanskriti.co.in