वास्तु शांति पूजा
नए घर या भवन में आठ दिशाओं की शांति और वास्तु देवता के पूजन हेतु विधिवत पूजा। पंडित जी सहित लगभग तीन घंटे।

वास्तु शांति पूजा नए घर या भवन में वास्तु देवता और आठ दिशाओं के पूजन का अनुष्ठान है।
अवधि: तीन घंटे
दक्षिणा / सेवा शुल्क: ₹7,500 से शुरू (पंडित जी सहित)
पूजा सामग्री का खर्च अलग हो सकता है; बुकिंग के समय स्पष्ट बता दिया जाएगा।
यह पूजा क्या है
भारतीय परंपरा में भवन को वास्तु पुरुष और दिशाओं के देवताओं से जोड़कर देखा जाता है। इस पूजा में उन सभी का स्मरण, पूजन और हवन किया जाता है। इसका उद्देश्य घर में शांति और संतुलन की प्रार्थना करना है।
कब और किसलिए की जाती है
- नया घर, दुकान या कार्यालय बनने के बाद उपयोग शुरू करने से पहले की जाती है।
- निर्माण या मरम्मत के बाद भवन में शुद्धि और शांति के भाव से करवाई जाती है।
- माना जाता है कि विधिवत पूजन से भवन में सकारात्मक वातावरण बनता है।
पूजा की विधि (संक्षेप में)
1. संकल्प लेकर गणपति और कलश पूजन किया जाता है।
2. वास्तु पुरुष का आवाहन और पूजन होता है।
3. दिशाओं के देवताओं का क्रम से पूजन किया जाता है।
4. नवग्रह का स्मरण कर हवन किया जाता है।
5. पूर्णाहुति के बाद आरती होती है।
6. प्रसाद वितरण के साथ समापन होता है। परंपरा के अनुसार थोड़ा भिन्न हो सकता है।
आम तौर पर लगने वाली सामग्री
- कलश, आम के पत्ते और नारियल
- रोली, मौली और अक्षत
- हवन कुंड, समिधा और हवन सामग्री
- गाय का घी और कपूर
- पुष्प और पुष्प-माला
- नवधान्य (नौ प्रकार के अनाज)
- मिठाई और फल
पूरी सामग्री सूची पंडित जी से पूछकर तय की जाएगी।
शुभ तिथि / मुहूर्त
शुभ तिथि और मुहूर्त भवन की स्थिति देखकर पंडित जी के साथ तय किया जाता है।
बुकिंग कैसे करें
1. "फॉर्म भरें" पर अपनी पूजा, तिथि और स्थान बताएँ, या WhatsApp पर संपर्क करें।
2. हमारी टीम पंडित जी, समय और दक्षिणा की जानकारी देगी।
3. पुष्टि के बाद आपकी बुकिंग पक्की होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या वास्तु शांति और गृह प्रवेश अलग पूजाएँ हैं?
उ: जी हाँ, दोनों अलग सेवाएँ हैं। गृह प्रवेश में वास्तु पूजन भी शामिल रहता है; विवरण बुकिंग के समय बताया जाएगा।
प्र: क्या दुकान या कार्यालय में भी यह पूजा हो सकती है?
उ: जी हाँ, दुकान, कार्यालय और अन्य भवनों में भी कराई जा सकती है।
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